चेतन और अवचेतन मन(Mind) क्या है?

दोस्तों आज मे आपको बताऊंगा हमारे मन(Mind) के बारे मे, मनोवैज्ञानिको के अनुसार हमारा मन(Mind) दो भागो मे विभाजित(Divide) होता है

1. चेतन मन(Conscious Mind)
2. अवचेतन मन(Subconscious Mind)

Mind हमारे शरीर का सबसे Powerful हिस्सा है, हमारे शरीर की Power से कही ज्यादा Power हमारे Mind यानी मन की होती है, चाहें वो Businessman हो, कोई Superstar हो या अन्य कोई Successful व्यक्ति, अच्छा व्यक्ति या कोई बुरा व्यक्ति। 

चेतनमन हमारे दिमाग का केवल 10% होता है। जिसमे याददाश्त(Memory), गंभीर सोच(Critical Thinking) ,इच्छा शक्ति(Will Power), तर्क शक्ति(Logical power ) इत्यादि होतें है

अवचेतन मन पूरे दिमाग का 90% होता है। जिसमे मान्यताएं(Beliefs), मजबूत मेमोरी(Strong Memory), आदते(Habits), प्रतिक्रियाएं(Reactions), भावनाएँ(Emotions) इत्यादि होतें है

चेतन मन Active मन होता है, हमसे जो भी बात कही जाती है या हमें बताई जाती है, तो हमारा जो भी Reaction होता है वो हमारे चेतन मन के कारण ही होता है. जब कोई काम पहली बार करते हैं तो उस काम को पूरे ध्यान से करते हैं, जैसे आप अगर गाड़ी चलाना जानते हैं तो जब आप पहली बार Driving सीख रहे होते हैं तो काफी डरे हुए होते हैं।
कब Gear बदलना है, कब Clutch दबाना है और कब Break लगाने हैं। हमारा पूरा Focus गाड़ी चलाने के Movement पर होता है. यानि जो हम देख रहे हैं, महसूस कर रहे हैं ये सब चेतन मन के Example हैं

अवचेतन मन जब हम दूसरी या तीसरी बार गाड़ी चलाते है तब गाड़ी चलाते चलाते Mobile पर बाते करना,गाना सुनाना ये सब क्रियाए  एक साथ बिना झिजक के करते है,क्यों की ये सब क्रियाएं हमारे अवचेतन मन से होती है।
आप का चेतन मन जिस किसी भी बात को जान लेता है जिस बात पर विश्वास कर लेता है चाहे फिर वो बात अच्छी हो या बुरी, आप का अवचेतन मन उसे हकीकत में ढाल लेता है,आप का अवचेतन मन सोच विचार तर्क नहीं कर सकता।  हमारी समझ हमारी मान्यता का सीधा असर अवचेतन मन पर होता है, हमारी सफलता हमारे असफलता का सीधा सम्बन्ध अवचेतन मन से ही है 



उदाहरण के लिए जैसे बचपन में हमें कोई बोल देता है की तुझसे ये काम नहीं होगा तू कभी 1st Division से पास नहीं होगा,ये नकारात्मक सुझाव हमें दिए जाते है इसका सीधा असर हमारे अवचेतन मन पर हो जाता है

हमारी सफलता, लक्ष्य प्राप्ति या फिर सम्पूर्ण विकास के लिए हमारा अवचेतन मन(Sub Conscious Mind) जिम्मेदार होता है जब हम अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण हो जाते है, तो लक्ष्य हमारे अवचेतन मन (Sub Conscious Mind)में जाकर बैठ जाता है आपका अवचेतन मन हमेशा संतुलन में रहता है।

अपनी अवचेतन मन की शक्ति बढ़ाने के लिये 

1. अपनी सोच को बदले Positive सोचेअपने आप पर विश्वास रखे और खुद को कभी कम न समझेखुद के बारे में Positive सोचे

2. जब भी हमें लक्ष्य की और बढ़ते हुवे हुए असफलता मिले तो निराश न हो जाए या ऐसे न समझे की ये काम मुझसे नही होगाबल्कि आपको EXPERIENCE मिल रहे है ऐसा सोचे

3. हर सुबह उठ कर Morning Walk पर जाये थोड़ी Exercise और ध्यान जरूर करे इससे हमें एक उत्साह एक Energy एक नयापन महसूस होता है






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